कभी धुप कभी छाँव है ज़िन्दगी 
चाहो तो शहर, न चाहो तो छोटा सा गाँव है ये ज़िन्दगी 

हो अगर प्यास, तो गहरा कुवां है ज़िन्दगी,
नहीं तो चुल्लू भर पानी है ज़िन्दगी 

जोखिम लो, तो जुआं है ज़िन्दगी 
नहीं तो सिर्फ कला धुवां  है ज़िन्दगी 


जीत गए तो आन बान शान है ज़िन्दगी 
हारे तो उजड़ा हुआ शमशान है ज़िन्दगी 


हंसो मुस्कुराओ खिलखिलाओ , रंगमंच है ज़िन्दगी 
नहीं तो किसी BOXER का Punch है ज़िन्दगी 


चार पल  मिले है हैं जीने के लिए , अमन से जी लो इन पलों को 
अमन से न जी पाओ तो, अपमान है ज़िन्दगी 





शहर - बड़ा 
गाँव - छोटा