I was going through some old SMSes in my cell, caught this one and felt like I must share it...


ये बात समझ में आई नहीं 
और मम्मी ने समझाई नहीं ..
मैं केसे मीठी बात करू
जब मीठी चीज़  कोई खायी नहीं
ये चाँद कहाँ से मामू है 
जब मम्मी का वो भाई नहीं 

क्यूँ लम्बे बाल है भालू के 
क्यूँ  उसकी कटिंग कराइ नहीं .
क्या वो भी गन्दा  बच्चा है 
या जंगले में कोई नाइ नहीं 
ये बात समझ में आई नहीं 
और मम्मी ने समझाई नहीं ..

नानी के पति जब नाना हैं 
दादी के पति जब दादा है 
दीदी के पति क्यों दीदा नहीं 
ये बात समझ में आई नहीं 
और मम्मी ने समझाई नहीं ..

समंदर का रंग क्यों नीला है 
जब नील उसमे मिलायी नहीं 
जब स्कूल में इत्तनी नींद आती है 
तो BED वहां लगवाया क्यों नहीं 
ये बात समझ में आई नहीं 
और मम्मी ने समझाई नहीं ..