Valentines Day  करीब है , 
सुनकर दिल की धड़कने तेज़ हो जाती है , मन में प्यार का पंछी उड़ने लगता है , नींदें कम हो जाती है चैन खो जाता है, अपने girlfriend/boyfriend को क्या गिफ्ट खरीद कर देना है, सोचना पड़ता है ।

बहूत ही Excitement से भरे होते है ये कुछ दिन, किस तरह से propose करना है , कहाँ लेकर जाना है , क्या बोलना है , किस रंग का गुलाब देना है ...  और भी बहूत कुछ ..

कितने ही गुलाब मैंने भी तोड़े और दिए हैं

आज मन में विचार आया  की हर Valentines day पर किसी न किसी लड़की को गुलाब दिया है मैंने , मगर कभी ये नहीं सोचा की उस फूल को भी जीने का हक है ।
आज मैंने 1 प्रण लिया है ..
अब से हर Valentines day पर 1  गुलाब का पौधा रोपूँगा और उसे सींचने का प्रयास करूँगा ... :) 


 प्यार ..
1 मीठा एहसास है ,
सुरीला साज़ है ,
२ पागल दिलो  का मेल है 

अगर मिल जाये तो जीवन पूरा है 
नहीं तो आधा सा , कुछ अधुरा है 

मगर इस प्यार को जताने के लिए, पाने के लिए
क्यों तू  किसी फूल को उसके परिवार से अलग करता है ..

सोच ए नादान
अगर कल, कोई अपनी ख़ुशी के लिए 
तेरे ही बच्चे को तुझसे जुदा करले तो .......

किसी और तरह से भी तू अपना प्यार जाता सकता है
उसे अपना बना सकता है 
फिर क्यों करता है उस फूल को कुरबान
बस इसलिए, क्योकि उसमे नहीं है जुबान ..